पति (पत्नी से)- तुम इतनी अच्छी रोटियां नहीं बना सकती, जितनी अच्छी मेरी मां बनाती थी।
पत्नी (पति से)- और तुम भी उतना अच्छा आटा नहीं गूंथ सकते, जितना अच्छा मेरे पिताजी गूंथते थे।
पिता (बेटे से) - इस बार तुम एग्जाम में पास हो या फेल, तुम्हें बाइक जरूर मिलेगी पास हुये तो ''हंक'' कॉलेज जाने के लिये और फेल हुये तो ''राजदूत'' दूध छोड़ने के लिये
पत्नी (पति से) - अगर तुम अक्ल से काम लेते, तो हर महीने मेरे लिये दो साडि़यां जरूर खरीद लेते।
पति - अगर मैं सही में अक्ल से काम लेता, तो मुझे साडि़यां खरीदने की नौबत ही नहीं आती।
बंता (संता से)- यार, ये तू हर एमएसएस मुझे दो बार क्यों भेज रहा है।
संता - यार, तू इतना भी नहीं समझता
बंता- नहीं, तू बता।
संता- क्योंकि, तुझे अगर एक फॉरवर्ड करना पड़े तो दूसरा तेरे पास रहे
पहली बोली- मेरे पति दिन भर में बहुत से भूखे लोगो को खाना खिला देते है।
दूसरी महिला- हां बहन, आजकल देवता जैसे लोग मिलते ही कहां है। तू बहुत ही भाग्यवान है, जो तुझे ऐसे पति मिले हैं।
पहली महिला- सो, तो है बहन।
दूसरी महिला- वैसे, तेरे पति करते क्या हैं।
पहली महिला-‘ वे एक होटल में वेटर है।‘
ज्योतिषी (महिला से)- तीन माह बाद आपके पति का साया आपके सिर से उठ जायेगा।
महिला (ज्योतिषी से)- लेकिन उन्हें मरे हुए चार साल हो गये हैं।
ज्योतिषी- तब आप बड़े भाई की छाया से वंचित हो जाएंगी।
महिला - लेकिन, महाराज मैं तो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हूं।
ज्योतिषी- ‘तो फिर आपका छाता जरूर खो जाएगा।‘
रोहन (दुकानदार से)- अरे मेरा गिफ्ट तो दो।
दुकानदार- कौन सा गिफ्ट?
रोहन- अरे कल मैंने आपके यहां से मिनरल वॉटर की बोतल खरीदी थी उस पर फ्री गिफ्ट था, वही मांग रहा हूं।
दुकानदार- अरे, भाई उस पर कोई गिफ्ट नहीं है।
रोहन- अमां पागल समझा है क्या, बोतल पर साफ-साफ लिखा था: 100 परसेंट बैक्टरिया फ्री।
चार व्यक्तियो को पार्क में जुआ खेलने के आरोप में अदालत लाया गया। मजिस्ट्रेट ने बारी-बारी से उनसे सवाल किये
पहले ने कहा- मैं उस दिन यहां था ही नहीं। सबूत के तौर पर अपने ट्रैवल एजेट से रेल टिकट की रसीद दे सकता हूं।
दूसरा बोला - उस दिन मैं घर पर बुखार में पड़ा था। डॉक्टर का सर्टीफिकेट पेश कर सकता हूं।
तीसरे ने कहा- मैंने आज तक कभी जुआ नहीं खेला, ताश को हाथ तक नहीं लगाया।
चौथा व्यक्ति चुपचाप खड़ा रहा, मजिस्ट्रेट ने उससे पूछा कि क्या तुम जुआ नहीं खेल रहे थे
चौथा व्यक्ति- अब आप ही बताइये साहब, मैं भला अकेले जुआ कैसे खेल सकता हूं
पत्नी (पति से)- मेरे पिताजी जब गाते थे तो उड़ते हुए पंछी गिर जाया करते थे।‘
पति (पत्नी से)- ‘क्या तुम्हारे पिताजी मुंह में कारतूस भर कर गाते थे।‘
सोनिया (मोनिया से)- और बताओ, तुम्हारे मायके का सफर कैसा रहा?
मोनिया (सोनिया से)- अरे क्या बताऊं। रास्ते में मेरे पति पानी लेने उतरे और गाड़ी चल दी। वह स्टेशन पर ही रह गये।
सोनिया (मोनिया से) - मैं तुम्हारा दर्द समझ सकती हूं, इतने लंबे सफर में तुम्हें प्यासा ही रहना पड़ा।
पत्नी (पति से) - तुम ऑफिस से दो दिन की छुट्टी ले लो।
पति- अरे, नहीं ले सकता।
पत्नी (गुस्से से)- तुम्हारे बिना ऑफिस का काम दो दिन भी नहीं चल सकता।
पति - दो दिन क्या दो साल चल सकता है, लेकिन बॉस का यह बात पता नहीं चलनी चाहिये।
भिखारी (एक आदमी से) - सर, अंधे भिखारी को दस रुपये दे दो।
आदमी- पर आपकी एक आंख तो ठीक है।
भिखारी- ओके तो फिर पांच रुपये ही दे दो।
ग्राहक और सैलून मालिक की बातचीत
ग्राहक- कटिंग के कितने रुपये।
सैलून मालिक- सौ रुपये
ग्राहक- शेविंग के कितने।
सैलून मालिक- पचास।
ग्राहक- ओके फिर तो पूरे सिर की शेविंग ही कर दो।
एक व्यक्ति- (नेता जी से)- अरे आप जिंदा हैं?, मैं तो समझा था कि आप नहीं रहे
नेताजी- आपके सामने तो खड़ा हूं, लेकिन आपने ऐसा क्यों पूछा
व्यक्ति- कुछ नहीं, आज कुछ लोग आपकी तारीफ सी कर रहे थे, बस इसीलिये।
एक व्यक्ति शराब के नशे में धुत था, पुलिस वाले ने उसे रोक लिया।
पुलिस वाला- कहां जा रहे हो?
व्यक्ति- मैं नशे से होने वाले नुकसान पर एक लेक्चर सुनने जा रहा हूं।
पुलिस वाला- इस वक्त इतनी रात गए किसका लेक्चर है?
व्यक्ति- ‘मेरी पत्नी और सास का।
पत्नी (पति से) - इतनी देर हो गई, आखिर क्या ढूंढ रहे हो?
पति (पत्नी से)- कुछ भी नहीं।
पत्नी (पति से)- कुछ तो जरूर खोया है! चार घंटे से मैंरिज सर्टिफिकेट को उलट-पलट रहे हो।
पति (पत्नी से)- देख रहा हूं कि इसकी एक्सपायरी डेट कहां है?
मोहन (सोहन से)- यार, तू इतना परेशान क्यों है?
सोहन- दोस्त, मैने एक ऐसी दवा बनाई है, जिसे इस्तेमाल करने से 50 साल की महिला भी 25 की लगने लगती है।
मोहन- यह बात तो खुश होने की है, तेरी दवाई तो खूब बिकी होगी।
सोहन- नहीं यार, मेरी दवाई बिल्कुल भी नहीं बिकी।
मोहन- वो, क्यों भला
सोहन- अरे, कोई औरत अपने आप को 50 की मानने को तैयार तो हो।
मोनू- मम्मी, मम्मी ये दुल्हन रो क्यों रही है?
मम्मी- बेटा, वो अपने ससुराल जा रही है, ना इसलिए।
मोनू- तो यह बात है, मुझे लगा वो स्कूल जा रही है।
सुषमा और विमला आपस में बातें कर रहीं थी
सुषमा:-- मेरा बेटा बहुत अच्छा है, वो बिल्कुल आदर्श बेटा है।
विमला:- क्या वो सिगरेट पीता है?
सुषमा:- नहीं
विमला:- घर तो जरूर देर से आता होगा...
सुषमा:- नहीं
विमला:- तो सच में अच्छा बेटा है तुम्हारा, उसकी उम्र कितनी है?
सुषमा:- 7 महीने
प्रेमिका:- तुम तो बस काम में लगे रहते हो! मेरी तो परवाह ही नहीं करते!
प्रेमी:- एक बात तुम गौर से सुन लो! प्यार करने बाले किसी की परवाह नहीं करते ...... !
टीचर (चिंटू से)- भाई चारे का प्रयोग करते हुए एक वाक्य बनाकर बताओ।
चिंटू - मैडम किसका
टीचर - एक बार में समझ नहीं आता, भाई चारे का
चिंटू - जब दूध वाले से पूछा कि तुम दूध इतना महंगा क्यों बेचते हो, तो वो बोला भाई चारा महंगा हो गया है।
गब्बर का गणित...
गब्बर:- कितने आदमी थे?
कालिया:- सरकार दो..
गब्बर:- मुझे गिनती नहीं आती है....दो कितने होते हैं?
कालिया:- सरकार दो ,एक के बाद आता है..
गब्बर:- और दो से पहले ?
कालिया:- दो के पहले एक आता है..
गब्बर (गुस्से से):- तो बीच में कौन आता है?
कालिया:- बीच में कोई नहीं आता है..
गब्बर:- तो फिर दोनों एक साथ क्यों नहीं आते?
कालिया:- दो एक के बाद ही आता है , क्योकि दो एक से बड़ा है..
गब्बर:- दो एक से बड़ा है ,कितना बड़ा है..?
कालिया:- दो एक से एक बड़ा है..
गब्बर:- दो एक से एक बड़ा है तो ,एक एक से कितना बड़ा है?
कालिया:- सरकार मैंने आप का नमक खाया है, मुझे गोली मार दो
एक महिला अपने पति से कार चलाना सीख रही थी।
पत्नी (पति से)- देखिए जरा कार का शीशा ठीक से नहीं लगा हुआ है।
पति (पत्नी से)- क्यों, सही तो है, क्या गड़बड़ है?
पत्नी (पति से)- इसमे मैं पीछे से आ रहा ट्रैफिक तो दिख रहा है, पर मेरा चेहरा नहीं।
संता (बंता से):- और भाई, आजकल क्या कर रहा है।
बंता (संता से):- यार मैं PGDCA कर रहा हूं।
संता:- अरे यार यह क्या होता है।
बंता:- पापा जी दे कैश पे ऐश।
ऑटोवाला (संता से)- लीजिए साहब पहुंच गए, 50 रुपए हुए।
संता (ऑटोवाले से):- ये ले भई, 25 रुपए।
ऑटोवाला:- साहब, यह तो सरासर बेईमानी है।
संता:- अरे, बेईमानी कैसी, तू भी बैठकर आया है।
पुत्र (पिता से)- पिताजी मुझे ढोल ख्ररीद दीजिए न !
पिता:- न बेटे, तू ढोल बजाकर मुझे तंग किया करेगा।
पुत्र- नही पिता जी, मै तो तब बजाऊगा जब आप सो जाया करेंगे।
सोशल मीडिया एडिक्ट अभिनेत्री-पत्रकार संवाद।
पत्रकार- आपकी इस फिल्म में भूमिका?
अभिनेत्री- आपने मेरी नयी पोस्ट नहीं पढ़ी।
पत्रकार- आपकी आने वाली फिल्में?
अभिनेत्री- आपने मेरी पिछली दो पोस्ट नहीं देखीं।
पत्रकार- आप इन दिनों क्या कर रही हैं?
अभिनेत्री- आप शायद मेरा ट्विटर एकाउंट फॉलो नहीं करते।
पत्रकार- आपसे अगली मुलाकात कहां होगी?
अभिनेत्री- फेसबुक पर।
दो पागलों की बातचीत..
पहला पागल : तू ये क्या कर रहा है?
दूसरा पागल : दिखता नहीं, खत लिख रहा हूं।
पहला पागल : ये तू किसे लिख रहा है?
दूसरा पागल : ये खत मैं खुद को लिख रहा हूं।
पहला पागल : इसमें क्या लिखा है?
दूसरा पागल : अरे पागल, ये खत मुझे मिला कहां है अभी..।
भिखारी : बाबू जी, पहले तो आप रोजाना मुझे दस रुपए दिया करते थे, लेकिन अब सिर्फ पांच रुपए देते हैं। क्यों?
बाबू जी : अरे, पहले मैं अकेला था। लेकिन, अब शादीशुदा हूं। ऐसी जबरदस्त महंगाई में खर्च भी दोगुने हो गए हैं न !
भिखारी : अच्छा ये बात है बाबू जी। मैं समझ गया कि आप मेरे पैसे से ही अपना घर खर्च चला रहे हैं....
बांकेलाल (प्यारेलाल से)- यार मैं सोचता था कि इस दुनिया में सिर्फ मैं ही उल्लू हूं।
प्यारेलाल (बांकेलाल से)- क्यों क्या हुआ?
बांकेलाल (प्यारेलाल से)- कल मैंने अपनी पत्नी को कश्मीरी सेब लाने को कहा था।
प्यारेलाल (बांकेलाल से)- तो क्या हुआ?
बांकेलाल (प्यारेलाल से)- आज कश्मीर से फोन आया कि उसने सेब खरीद लिए है।
नया सिपाही (इंस्पैक्टर से): "सर ये बिलकुल गलत है कि मैं उस चोर से डर गया था।"
इंस्पैक्टर: "तो तुम उस गाडी के पिछे क्यों छिपे थे?"
नया सिपाही: "जी वह तो मैं कुत्ता देख कर छिपा था ।"
अध्यापक: " बाबर भारत मे कब आया?"
बंटी: "पता नही सर।"
अध्यापक: " बोर्ड पर नही देख सकते, नाम के साथ ही लिखा है।"
बंटी: मैने सोचा, शायद वह उसका फ़ोन नम्बर है।"
मनु: "डेडी, ज्यादा काबिल कौन है मैं या आप?"
डैडी: " मैं, क्योकि मैं एक तो तुम्हारा बाप हुँ, दुसरे उम्र मे भी तुम से बडा हुँ और मेरा तजुर्बा भी तुम से ज्यादा है।"
मनु: "फ़िर तो आप जानते होगें कि अमेरिका की खोज किस ने की थी?"
डैडी: "कोलम्बस ने की थी"
मनु: "कोलम्बस के बाप ने क्यों नही की, उसका तजुर्बा तो कोलम्बस से कही ज्यादा होगा?"
संतासिंह ट्रेन के लाइनमैन की नौकरी के लिए इन्टरव्यू देने गया। उससे पूछा गया:
इन्टरव्यूवर: संतासिंह मान लो तुम्हे पता चलता है कि तुम्हारे ट्रेक पर दो रेलगाडियां विपरीत दिशा से आ रही है और उनमे टक्कर होने वाली है तो तुम क्या करोगे?
संतासिंह: मै किसी एक ट्रेन को दूसरी लाइन पर स्विच कर दूंगा।
इन्टरव्यूवर: अगर लीवर काम नही कर रहा हो तो?
संतासिंह: तो मै हाथ से लीवर को खींचने की कोशिश करूंगा।
इन्टरव्यूवर: अगर वो भी काम नही किया तो?
संतासिंह: मै दोनो तरफ़ के स्टेशन मास्टर को खबर करूंगा।
इन्टरव्यूवर: अगर फोन भी काम नही कर रहा हो तो?
संतासिंह: मै लाल कपड़ा लेकर ट्रेक पर खड़ा हो जाऊंगा।
इन्टरव्यूवर: अगर उस समय कोई लाल कपड़ा नही मिला तो?
संतासिंह: फिर मै अपनी बीबी प्रीतो, को बुलाऊंगा।
इन्टरव्यूवर: क्यों क्या वो कोई इन्जीनियर है?
संतासिंह: नही, उसने कभी रेलगाड़ियों की टक्कर नही देखी ना।
पंजाबी ने शान मारी, “हम इतनी बड़ी बन्दगोभी पैदा करते हैं कि एक के नीचे सिपाहियों की एक बटालियन विश्राम कर सकती है।”
बिहारी ने उत्तर दिया, “यह तो कुछ भी नहीं.... हम तांबे की इतनी बड़ी देगची बनाते हैं कि उस पर एक हज़ार आदमी ठोंक-पीट करते हैं। फिर भी वे इतनी दूर होते हैं कि एक-दूसरे के हथौड़े की आवाज़ नहीं सुन पाते।”
पंजाबी खुलकर हँसा, “पर इतनी बड़ी देगची का कोई क्या करेगा?”
बिहारी ने जवाब दिया, “क्यों? तुम्हारी बन्दगोभी पकाने के काम आएगी।”