HindiLok.com - Hindi News, Hindi Movies, Hindi Songs, Hindi Literature
2010 Horoscope, Horoscope 2010 Free
 
 
 
 
 
 
स्‍ट्राइकर: सच्‍ची कहानी पर बनी काल्‍पनिक फिल्‍म

मुख्य कलाकार : आदित्य पंचोली, आर सिद्धार्थ, पद्मप्रिया, अनुपम खेर, अंकुर विकाल, सीमा विश्वास

निर्देशक : चंदन अरोड़ा

 निर्माता- चंदन अरोड़ा,
संगीत निर्देशक- शैलेंद्र बरवे, अमित त्रिवेदी, विशाल भारद्वाज,
 
कहानी:
 
स्ट्राइकर में हिंदी फिल्‍मों का सभी मसाला यानी- प्रेम, अपराध, और हिंसा का पूरा मसाला मौजूद है और इस मसाले को स्‍लम की जिंदगी में पिरोया गया है। कहानी का नायक सूर्या (सिद्धार्थ) इस स्लम में रहने वाला एक नौजवान है। सूर्या अपने फैसलों और विवेक से अपराध की परिधि पर घूमने और स्वाभाविक मजबूरियों के बावजूद हालात से हार नहीं मानता। वह मुंबई की मलिन बस्ती का नायक है। हिंदी फिल्मों में मुंबइया निर्देशकों ने ऐसे चरित्रों से परहेज किया है। मलिन बस्तियों की जिंदगी में ज्यादातर दुख-तकलीफ और हिंसा-अपराध दिखाने की प्रवृति रही है। स्ट्राइकर इस लिहाज से भी अलग है।

सूर्या मुंबई के मालवणी स्लम में रहता है। हालांकि उसका परिवार शहर के किसी और इलाके से आकर यहां बसा है। बचपन से अपने भाई की तरह कैरम का शौकीन सूर्या बाद में इस खेल का महारथी बन जाता है। कैरम के स्ट्राइकर पर उसकी उंगलियां ऐसी सधी हुई हैं कि वह आमतौर पर स्टार्ट टू फिनिश गेम खेलता है।

सूर्या की इस खूबी का इस्‍तेमाल स्थानीय अपराधी सरगना जलील अपने फायदे के लिये करना चाहता है, लेकिन सूर्या उसके दबाव और लालच से खुद को बचाए रखता है। सूर्या की जाएद से दोस्ती है। कमाई के लिए सूर्या को छोटे-मोटे अपराध करने में कोई हिचक नहीं है। दोनों दोस्त एक-दूसरे की मदद किया करते हैं।

कहानी 15 साल का सफर करते हुये सूर्या के अतीत का भी सफर कराती है। परिवार से उसके संबंध आत्मीय और चिंताओं से भरे पड़े हैं। बाबरी मस्जिद ढहने के बाद मुंबई में हुए दंगों के बीच मालवणी बेहद संवेदनशील इलाका माना जा रहा था। पुलिस और प्रशासन की निगाह टिकी हुई थी। चूंकि मालवणी में मुसलमानों की तादाद लगभग 90 फीसदी थी, इसलिए यह आशंका व्यक्त की जा रही थी कि हिंदू दंगों के शिकार हो सकते हैं। तनाव के इस माहौल में सूर्या जैसे चरित्रों ने मालवणी को महफूज रखा। फिल्म में जलील दंगा  भड़काने के नापाक इरादे से अपनी जुगत में लगा है। तभी नाटकीय तरीके से सूर्या का आगमन होता है और मुंबई भारी तबाही से बच जाती है। हम ऐसे किरदारों के किस्सों से वाकिफ नहीं हो पाते। स्ट्राइकर मालवणी की सच्ची घटनाओं पर बनी काल्पनिक फिल्म है।

डायरेक्‍शन

चंदन अरोड़ा ने फिल्म को सजीव करने का हर संभव प्रयास किया है। उन्होंने स्लम की जिंदगी को उसकी धड़कनों के साथ कैमरे में कैद किया है। नौवें दशक की मुंबई के परिवेश को गढ़ने में चंदन ने छोटे डिटेल पर भी ध्यान दिया है। स्ट्राइकर में परिवेश और चरित्रों का सुंदर संतुलन है। फिल्‍म की एक खास बात यह भी है कि इसमें किरदार थोपे हुये नहीं लगते।

अदाकारी

सिद्धार्थ ने स्क्रिप्ट की डिमांड के हिसाब से अपने लुक में बदलाव किया है। यह फिल्म उनके सशक्‍त अभिनय को दिखाती है। रंग दे बसंती में सहायक किरदार निभाने वाले सिद्धार्थ ने इस फिल्‍म में अपनी प्रतिभा की बानगी दिखायी है। उनके साथ जाएद  की भूमिका में अंकुर विकल ने बराबर का साथ दिया है। आदित्य पंचोली बदले अंदाज में असर छोड़ने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने जलील के किरदार को संयत तरीके से निभाया है। हिंदी फिल्मों में पहली बार आ रही पद्मप्रिया अच्छी लगी हैं। उनके किरदार को और बढ़ाया जा सकता था, लेकिन निर्देशक का लक्ष्य रोमांस से अधिक रिलेशनशिप रहा है।

संगीत

फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और गीत-संगीत उल्लेखनीय है। चंदन ने अनेक संगीतकारों की मदद ली है। स्वानंद  किरकिरे और विशाल भारद्वाज ने अपने संगीत से फिल्म के मूल भाव को गहराई दी है। फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर से दृश्यों के प्रभाव बढ़े हैं।



7045
ताजातरीन / What's Hot
प्रियंका करेंगी खतरों के खिलाड़ी का सीजन-3
पांडेय और कैलिस ने राजस्थान को 10 विकेट से रौंधा
संबलपुरी नृत्य के साथ शुरू होगा कटक में आईपीएल मैच
यूसुफ को मिली बांग्लादेश लीग में खेलने की इजाजत
बैडमिंटन रैंकिंग : शीर्ष-5 में पहुंचीं सायना
पैटिन्सन के ऑटोग्राफ वाले गिटार की नीलामी
मैडोना ने पुरुष मॉडल के लिए किया डांस
Saina in top-five of world badminton rankings
   
 
मनोरंजन
इंटरव्यू
हमने मॉरीशस के पत्थरों को सोना बनाया
मैं पैदा भले ही मॉरीशस में हुआ, लेकिन मेरा दिल उतना ही हिंदुस्तान में बसता है, जितना कि मॉरीशस में। मुझे इस बात का गर्व है कि मेरी जड़ें भारत से जुड़ी हैं। भारत में मॉरीशस के राजदूत मुकेश्वर चुन्नी के ये शब्द भारत के प्रति उनके प्यार और उनकी समझ को जताने के लिए पर्याप्त हैं। उन्हें इस बात पर गर्व है कि वे हिंदी बोल सकते हैं। मॉरीशस में हुए विश्व हिंदी सम्मेलन में इन्होंने महती भूमिता निभाई। एक मुलाकात में अपने हिंदी और हिंदुस्तान प्रेम की चर्चा मुकेश्वर कर रहे हैं नीरज सिंह के साथ...
 खुशनसीब हूं कि अभी भी लोगों का प्यार मिल रहा है : सोनल मानसिंह
 इस जीत ने सिखाया जीने का सलीका
ज्योतिष
उम्मीदों और नये संकल्पों का दिन नवसंवत्सर
संसार में सभी नववर्ष का स्वागत और हार्दिक अभिनन्दन अपने-अपने ढंग से करते हैं। भारत में एवं विदेशों में संवत्सर को अत्यन्त उत्साह, नवीन संकल्प एवं आशा के साथ मनाते हैं।
 अपोलो अस्पतालों में होगा आयुर्वेद पर शोध
 यौन सक्रियता के लिए नियमित तौर पर दौड़ना जरूरी
 होली और स्वास्थ्य के लिए भांग !
 शादी के लिए रुठे गुरु को मना ले यार