Remove Ad

Hindi Blog

Movie Blogs | Cricket Blogs | Jyotish Blogs | Investment Blogs | Hindi Blogs | Filmy2 Timepass | Hindi Songs | Bollywood Gossips

Tuesday, November 20, 2007

Live Indian Streaming TV channels

Channel 7 - Hindi News channel
http://www.ibnlive.com/videos/streaming-ibn7.html

CNBC Awaaz - Hindi Business news channel http://www.moneycontrol.com/cnbctv18/live_video_audio/cnbc_awaaz_live.php

CNBC India

http://www.moneycontrol.com/cnbctv18/live_video_audio/live_videohigh.php

CNN-IBN - English news channel

http://www.ibnlive.com/videos/streaming-260.html

NDTV - English news channel

http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/videos.aspx?id=0

You can find more Hindi Channel Live Streaming on iDesiTV.com

Labels: , , , , ,

If you're new here, you may want to subscribe to my RSS feed, or to check similar posts on Hindi Songs and Bollywood Gossips.

Wednesday, November 07, 2007

प्रेम और समाधि पर भारी रसायन विज्ञान

Love, supesrconsciousness & Chemistryआज सुबह नेशनल जियोग्राफ़िक चैनल पर एक कार्यक्रम आ रहा था – नेकिड साइंस। इसमें मानवीय प्रेम का वैज्ञानिक तौर पर विश्लेषण किया गया था। विश्लेषण से पता चला कि प्रेम कोई हाईफ़ाई फ़ण्डा नहीं है, बल्कि महज़ दिमाग़ में होने वाला केमिकल लोचा है। यानी कि परीक्षणों से पता चला कि जब कोई इंसान प्रेम में होता है, तो उसके दिमाग़ के एक ख़ास हिस्से में कुछ रासायनिक क्रियाएँ होती हैं। ये रासायनिक क्रिया काफ़ी कुछ वैसी ही होती है, जैसी कोकीन खाने से मस्तिष्क में क्रिया होती हैं और दोनों के लक्षण समान होते हैं। लो कल्लो बात! विज्ञान ने तो दो मिनट में प्रेम की ऐसी-तैसी कर दी। कवियों के हज़ारों साल के किए-धरे पर पानी फेर दिया।

लेकिन बस इतना ही होता तो ठीक था। दोपहर में निठल्ली सर्फ़िंग के दौरान एक वेबसाइट देखी। जिनकी यह वेबसाइट है, उन महाशय का कहना है कि समाधि-वमाधि कोई परादैवीय घटना नहीं है। ध्यान करने से दिमाग़ में रासायनिक परिवर्तन होने लगते हैं। जिन लोगों की खोपड़ी में ये रासायनिक परिवर्तन ज़्यादा हो जाते हैं, वे ऐनलाइटेण्ड कहलाते हैं। उन्हें कुछ अजीब तरह की अनुभूति होने लगती है। वैसी अनुभूति टेम्परेरी तौर पर एलएसडी नामक ड्रग लेकर भी पायी जा सकती है। साथ ही उन महाशय का यह भी कहना है कि हिन्दुस्तानी खोपड़ी की संरचना इस कैमिकल लोचे के लिए ज़्यादा अनुकूल है। इसीलिए हिन्दुस्तानी ख़ासे आराम से एनलाइटेंड हो जाते हैं। वहीं पश्चिमी लोग ज़िन्दगी भर भले ध्यान करते रहें, उनकी खोपड़ी की डिज़ाइन उनका साथ नहीं देती है।

अब क्या कहें? रसायन विज्ञान की जय हो। स्कूल में फ़िज़िकल कैमिस्ट्री तो ठीक लगती थी, लेकिन ऑर्गेनिक-इनॉर्गेनिक झिलाय नहीं झिलती थीं। पर हमें तब क्या मालूम था कि ये प्यार-व्यार, समाधि-वमाधि रसायन विज्ञान की एक कला के बराबर भी नहीं है। वरना तभी मन लगाकर पढ़ाई करते और परखनली से अपने सिर में कुछ अच्छे-अच्छे रसायन उढ़ेल लेते।

टैग :

Labels: , ,

If you're new here, you may want to subscribe to my RSS feed, or to check similar posts on Hindi Songs and Bollywood Gossips.