व्यंग्य : चैपल का सनसनीख़ेज़ खुलासा
पीयूष मोहन पांडे अख़बारी पत्रकारिता और ऑनलाइन पत्रकारिता करने के बाद पिछले चार साल से टीवी पत्रकारिता में हाथ आज़मा रहे हैं। उनके 50 से ज़्यादा व्यंग्य दैनिक ट्रिब्यून, दैनिक नवज्योति, स्वतंत्र वार्ता और दैनिक जागरण समेत कई समाचार पत्रों में प्रकाशित हो चुके हैं।
निम्नलिखित सनसनीख़ेज़ खुलासा गुरु ग्रेग की निजी डायरी से उड़ाया गया है। चप्पल साहब सॉरी चैपल साहब हार पर अपनी रिपोर्ट बीसीसीआई को देने वाले हैं। हार के बाद उन्होंने खिलाड़ियों के बीच रहकर बहुत कुछ देखा-सुना है। इसी देखे-सुने में एक सनसनीखेज़ सच ये भी है।
(मेरी निजी डायरी- 25/3/07)
मैंने आज जो सुना - उसे सुनकर मेरी आँखें खुली-की-खुली रह गईं। अपना धुरंधर धोनी किसी को उड़ाने की साज़िश रच रहा है। वर्ल्ड कप में उसकी परफ़ॉरमेंस बहुत ख़राब रही है लेकिन इसके लिए वो किसी और को दोषी मानता है। मैंने धोनी को यह कहते हुए सुना - "इंडिया पहुँचते ही साले को उड़ा दूंगा। उसकी बद्दुआ के चलते ही मैं यहाँ घास उखाड़ता रह गया। लंका के खिलाफ मैच में ज़ीरो पर आउट हो गया।"
धोनी सिर्फ़ किसी को उड़ाने की ही बात नहीं कर रहा था बल्कि कप्तान द्रविड से भी कह रहा था कि - "बॉस, तुम भी मेरा साथ दो। उसकी वजह से ही तुम्हारी आज इतनी फ़जीहत हो रही है। तुम न घर के न घाट के रहे। उसने ही साला कह डाला था कि टीम इंडिया कोई मैच न जीते।"
मैंने इस बारे में श्रीशंत और इरफ़ान से भी बात करने की कोशिश की - लेकिन दोनों ने मँह नहीं खोला। ये दोनों वर्ल्ड कप में एक भी मैच नहीं खेले लिहाज़ा इनके ख़िलाफ़ लोगों में ग़ुस्सा नहीं है, पर इन्होंने भी अपने साथी खिलाड़ियों की साज़िश के बारे में नहीं बताया। इन्होंने नहीं बताया कि धोनी किसे उड़ाने की बात कह रहा है? इऩ्होंने नहीं बताया कि किसने धोनी के ज़ीरो पर आउट होने की मन्नत मांगी थी? इऩ्होंने नहीं बताया कि कौन टीम इंडिया को एक भी मैच देखते हुए नहीं देखना चाहता? मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि धोनी, द्रविड़ और टीम इंडिया के कुछ दूसरे खिलाड़ियों के बीच कुछ खिचड़ी पक रही है और निश्चित तौर पर ये लोग इंडिया में किसी की हत्या करने का इरादा रखते हैं। वैसे, मैं ये बात विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि इन्हें साज़िश का मंत्र किसी हिन्दी फ़िल्म से मिला है।
कौन है वो ?
अब चैपल साहब ने इतना बड़ा सनसनीखेज़ खुलासा डायरी में किया तो हमारे एक पत्रकार मित्र (खोजी पत्रकार) ने इसका पोस्टमार्टम भी कर डाला। उन्होंने एक गुप्त एएएमएस के ज़रिए इस पूरे राज़ से पर्दाफ़ाश किया है।
वाक़या कुछ ऐसा है कि टीम इंडिया बांग्लादेश और श्रीलंका से बुरी तरह पिटने के बाद जमैका में एक हिन्दी फ़िल्म देखने पहुँची। जमैका में वर्ल्ड कप के दौरान ख़ासतौर पर हिन्दी फ़िल्म का इंतज़ाम किया गया था। इस फ़िल्म का नाम है - हैट्रिक। भाइयों ने सोचा कि फ़िल्म क्रिकेट पर होगी, पर इसमें तो हीरो कुणाल ने टीम इंडिया की ही ऐसी की तैसी कर दी। अपनी पत्नी के दिल में बसे धोनी से परेशान कुणाल ने बद्दुआ दी - "वो साला धोनी, मैं चाहता हूँ कि एक भी रन न बनाए। हमेशा ज़ीरो पर आउट हो।" इसी तरह टीम इंडिया के बारे में कुणाल का कहना है - "ये टीम इंडिया हमेशा हारे। कभी कोई मैच न जीते।"
अब जनाब, बात चाहे फ़िल्म में कही गई हो या कहीं और - निकली तो कुणाल की ज़ुबाँ से ही है। लंबी ज़ुल्फ़ों वाला धोनी लुटा-पिटा घूम रहा है। कल तो छोरियाँ 'उड़े जब-जब ज़ुल्फ़ें' गा रही थीं, आज ज़ुल्फ़ों को उखाड़ने पर आमादा हैं। द्रविड को कप्तानी की दुकान समिटती दिख रही है। लाखों लोगों ने तो हार का ठीकरा इन खिलाड़ियों के पुतलों पर फोड़ ही दिया है - सो लौट के आए ये बुद्धु अब कुणाल को ढूंढ रहे हैं।
कुणाल सावधान! तुम धोनी के निशाने पर हो....
- पीयूष मोहन पांडे
निम्नलिखित सनसनीख़ेज़ खुलासा गुरु ग्रेग की निजी डायरी से उड़ाया गया है। चप्पल साहब सॉरी चैपल साहब हार पर अपनी रिपोर्ट बीसीसीआई को देने वाले हैं। हार के बाद उन्होंने खिलाड़ियों के बीच रहकर बहुत कुछ देखा-सुना है। इसी देखे-सुने में एक सनसनीखेज़ सच ये भी है।
(मेरी निजी डायरी- 25/3/07)
मैंने आज जो सुना - उसे सुनकर मेरी आँखें खुली-की-खुली रह गईं। अपना धुरंधर धोनी किसी को उड़ाने की साज़िश रच रहा है। वर्ल्ड कप में उसकी परफ़ॉरमेंस बहुत ख़राब रही है लेकिन इसके लिए वो किसी और को दोषी मानता है। मैंने धोनी को यह कहते हुए सुना - "इंडिया पहुँचते ही साले को उड़ा दूंगा। उसकी बद्दुआ के चलते ही मैं यहाँ घास उखाड़ता रह गया। लंका के खिलाफ मैच में ज़ीरो पर आउट हो गया।"
धोनी सिर्फ़ किसी को उड़ाने की ही बात नहीं कर रहा था बल्कि कप्तान द्रविड से भी कह रहा था कि - "बॉस, तुम भी मेरा साथ दो। उसकी वजह से ही तुम्हारी आज इतनी फ़जीहत हो रही है। तुम न घर के न घाट के रहे। उसने ही साला कह डाला था कि टीम इंडिया कोई मैच न जीते।"
मैंने इस बारे में श्रीशंत और इरफ़ान से भी बात करने की कोशिश की - लेकिन दोनों ने मँह नहीं खोला। ये दोनों वर्ल्ड कप में एक भी मैच नहीं खेले लिहाज़ा इनके ख़िलाफ़ लोगों में ग़ुस्सा नहीं है, पर इन्होंने भी अपने साथी खिलाड़ियों की साज़िश के बारे में नहीं बताया। इन्होंने नहीं बताया कि धोनी किसे उड़ाने की बात कह रहा है? इऩ्होंने नहीं बताया कि किसने धोनी के ज़ीरो पर आउट होने की मन्नत मांगी थी? इऩ्होंने नहीं बताया कि कौन टीम इंडिया को एक भी मैच देखते हुए नहीं देखना चाहता? मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि धोनी, द्रविड़ और टीम इंडिया के कुछ दूसरे खिलाड़ियों के बीच कुछ खिचड़ी पक रही है और निश्चित तौर पर ये लोग इंडिया में किसी की हत्या करने का इरादा रखते हैं। वैसे, मैं ये बात विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि इन्हें साज़िश का मंत्र किसी हिन्दी फ़िल्म से मिला है।
कौन है वो ?
अब चैपल साहब ने इतना बड़ा सनसनीखेज़ खुलासा डायरी में किया तो हमारे एक पत्रकार मित्र (खोजी पत्रकार) ने इसका पोस्टमार्टम भी कर डाला। उन्होंने एक गुप्त एएएमएस के ज़रिए इस पूरे राज़ से पर्दाफ़ाश किया है।
वाक़या कुछ ऐसा है कि टीम इंडिया बांग्लादेश और श्रीलंका से बुरी तरह पिटने के बाद जमैका में एक हिन्दी फ़िल्म देखने पहुँची। जमैका में वर्ल्ड कप के दौरान ख़ासतौर पर हिन्दी फ़िल्म का इंतज़ाम किया गया था। इस फ़िल्म का नाम है - हैट्रिक। भाइयों ने सोचा कि फ़िल्म क्रिकेट पर होगी, पर इसमें तो हीरो कुणाल ने टीम इंडिया की ही ऐसी की तैसी कर दी। अपनी पत्नी के दिल में बसे धोनी से परेशान कुणाल ने बद्दुआ दी - "वो साला धोनी, मैं चाहता हूँ कि एक भी रन न बनाए। हमेशा ज़ीरो पर आउट हो।" इसी तरह टीम इंडिया के बारे में कुणाल का कहना है - "ये टीम इंडिया हमेशा हारे। कभी कोई मैच न जीते।"
अब जनाब, बात चाहे फ़िल्म में कही गई हो या कहीं और - निकली तो कुणाल की ज़ुबाँ से ही है। लंबी ज़ुल्फ़ों वाला धोनी लुटा-पिटा घूम रहा है। कल तो छोरियाँ 'उड़े जब-जब ज़ुल्फ़ें' गा रही थीं, आज ज़ुल्फ़ों को उखाड़ने पर आमादा हैं। द्रविड को कप्तानी की दुकान समिटती दिख रही है। लाखों लोगों ने तो हार का ठीकरा इन खिलाड़ियों के पुतलों पर फोड़ ही दिया है - सो लौट के आए ये बुद्धु अब कुणाल को ढूंढ रहे हैं।
कुणाल सावधान! तुम धोनी के निशाने पर हो....
- पीयूष मोहन पांडे


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