व्यंग्य : च्यवनप्राश इनक्वायरी कमीशन
आलोक पुराणिक वरिष्ठ लेखक तथा व्यंग्यकार हैं। आलोक जी ने यह व्यंग्य ख़ास तौर पर "मस्ती की बस्ती" के लिए लिखा है।पवार बैठे हैं, चैपल आये हैं-
चैपल रिपोर्ट पेश कर रहे हैं-देखिये सर पूरी टीम कोच सर की नहीं,सिर्फ स्पांसर की सुनती है। कई प्लेयर तो ऐसे हैं कि उन्हे चाय पेश करो, तो पूछते हैं स्पांसर कौन। बनियान पहनने से पहले पूछते हैं स्पांसर कौन। अभी उस दिन एक सीनियर बैट्समैन बंगलादेश वाले मैच में, जब बैटिंग करके, सौरी जब बैटिंग नहीं करके आया, तो मैंने उससे बताया कि घर से फोन आय़ा था। आपकी पत्नी ने बहुत धांसू काम किया है, एक प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया है। दो मिनट तो वो रहा साइलेंट और मौन, फिर पूछने लगा कि छोड़ो ये बताओ स्पांसर कौन। सर, अब मैं नहीं चला पाऊंगा।
शऱद पवार-देखिये ये अंदर की बात है, बाहर नही जानी चाहिए।
चैपल-सर आप भी क्या किसी एड के हिसाब से बोल रहे हैं।
शरद पवार मुस्कुराते हुए।
पवार और द्रविड़
पवार –प्राबलम क्या है। अब तुम लोगों के सामने नेक्स्ट टारगेट क्या है। कुछ सोचा, अगला कंपटीशन किससे होने वाला है।
द्रविड़- (शरमाते हुए)- जी अभी अपना कंपटीशन ऐश्वर्या राय से है।
पवार-व्हाट।
द्रविड़जी-जी बात यह है कि च्यवनप्राश, बिस्कुट, बनियान बहुत कर लिये। कोल्ड ड्रिंक के एड तो ऐश और हम साथ साथ करते हैं। पर क्या है कि ऐश को लिपस्टिक, आई लोशन, नेलपालिश के एड मिल जाते हैं। अभी क्या है, अभिषेक भईया से शादी के बाद ऐश कुछ कम एड करेगी, तो ये सब लिपस्टिक विपस्टिक के एड हम करेंगे ना। अभी तो हम फ्री भी हैं ना।
पवार, द्रविड़ और वेंगसरकर
पवार वेंगसरकर से-मुझे लगता है कि सहवाग का आर्डर चेंज करना चाहिए। उसको चेंज मांगता।
द्रविड़-जी बिलकुल चेंज मांगता है। अभी उसको दूध-कोल्ड ड्रिंक के एड छोड़कर टू मिनट्स नूडल्स के एड करने चाहिए।
पवार –क्यों।
द्रविड़-देखिये नया एड बहुत ईजी से बन जायेगा-नूडल्स वाले अपने एड में ये बतायें-बच्चे नूडल्स का पैकेट खोलें, उन्हे पानी में मिलायें। और देखें कि कब सहवाग बैटिंग के लिए जायें। जैसे ही सहवाग बैटिंग के लिए जायें, बच्चे नूडल्स गैस पर चढ़ाकर गैस जलायें। घड़ी देखने का जरुरत नहीं, जैसे ही सहवाग आऊट होकर वापस आयेंगे-समझिये आपके दो मिनट पूरे हो जायेंगे।
वेंगसरकर-नहीं प्राबलम है, इसमें तो हो सकता है गच्चा। सहवाग दो मिनट के बजाय एक ही मिनट में आऊट हो गये, तो नूडल्स तो रह जायेगा कच्चा। इसलिए नूडल्स को सहवाग के लेवल पर लाइए। और उन्हे दो नहीं सिर्फ एक मिनट पर रेडी करवाइए।
पवार, वेंगसरकर और द्रविड़
पवार-देखो, अपना परफारमेंस बहुत अच्छा है। क्रिकेट बोर्ड ने करोड़ों कमाया है।
द्रविड़-सर हम ये कह सकते हैं कि जो भी टीम वर्ल्ड कप जीते, उसे ही इंडियन टीम मान लिया जाये। सबको थमा देंगे, बीस-बीस करोड़।
पवार-पर मान लो कि आस्ट्रेलिया जीत जाये। उनके प्लेयर्स को हम कैसे इंडिया का कह दें, वो तो इंडिया के लिए खेलते नहीं।
वेंगसरकर-तो क्या आपको यह लगता है कि इंडियन प्लेयर इंडिया के लिए खेलते हैं। नहीं, वो किसी कोल्ड ड्रिंक के लिए खेलते हैं। किसी बनियान के लिए खेलते हैं।
पवार जोर से चीख कर-राइट, वर्ल्ड कप इंडिया लाने की तैयारी है, जो भी टीम जीते, वो ही हमारी है।
पवार, वेंगसरकर और द्रविड़
पवार-इस सिचुएशन के लिए कौन जिम्मेदार हो, बताओ।
द्रविड़-देखिये जिम्मेदारी का सवाल नेताओं से कोई नहीं पूछता, तो हमसे क्यों पूछ रहे हैं। हम आपसे पूछते हैं क्या कि आटे के भाव इतने बढ़ गये, कौन जिम्मेदार है।
पवार-राइट।
द्रविड़ –मेरे ख्याल से जिम्मेदारी च्यवनप्राश की है।
वेंगसरकर-व्हाट, च्यवप्राश कहां से आ गया। द्रविड़ तुमने तो सहवाग की सिफारिश की थी, च्यवनप्राश की नहीं।
द्रविड़-समझिये सर, सौरभ दादा समेत तमाम प्लेयर जिस च्यवनप्राश का एड करते हैं, वह घटिया है। असली च्यवनप्राश तो अमिताभ बच्चन ले गये। सर बताइए वह च्यवनप्राश खाकर साठ साल की उम्र में भी निशब्द अठारह बरस की कन्या को पटा रहे हैं और हम इत्ते च्यवनप्राश के बाद भी पब्लिक की गालियां खा रहे हैं।
पवार- ओ के राइट, मैं पार्लियामेंट में च्यवनप्राश इन्क्वायरी के लिए आल पार्टी कमेटी बनवा दूंगा।
- आलोक पुराणिक
लेबल: alok puranik, Hindi, satire, व्यंग्य, हिन्दी


4 टिप्पणियाँ:
बहुत अच्छा आलोक जी पढ़ कर मजा आ गया ।
:)
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बहुत खूब मजा आ गया, च्यवनप्राश इनक्वायरी कमीशन की रिपोर्ट का इंतजार है। :)
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