भूत मैनेजमेंट, नाग अरेंजमेंट
आलोक पुराणिक वरिष्ठ लेखक तथा व्यंग्यकार हैं। इधर मामला टेंशनात्मक हो गया है।
हर बच्चा टीवी पत्रकार बनना चाहता है। पर यह उन्हे यह समझाना मुश्किल है कि अब टीवी पर पत्रकार का स्कोप उतना नहीं है, जितना नाग-नागिन, भूत-प्रेतों का है। अगर आप राखी सावंत या राजू श्रीवास्तव नही हैं, तो टीवी न्यूज में कैरियर मुश्किल है, यह बात कई समझाने की कोशिश करता हूं। बच्चे नहीं समझते। पब्लिक की डिमांड पर इस खाकसार ने एक नया मीडिया कोर्स डिजाइन किया है। इच्छुक प्रवेश के लिए 1 लाख रुपये का ड्राफ्ट भिजवायें।
कोर्स में पांच पेपर होंगे।
पेपर नंबर एक भूत-चुडैल मैनेजमेंट
यह पेपर इधर बहुत ही जरुरी हो गया है। इधर तमाम चैनल नौकरी देने से कहते हैं कि शमशान से कोई भूत पकड़ ला सकते हैं, तो आपकी नौकरी पक्की।
इस पेपर को पढ़ने के बाद कैंडीडेट इतनी काबलियत हासिल कर लेंगे कि वह कह सकें –अजी शमशान से क्या लाना, मैं तो खुद भी भूत हूं।
इस पेपर को पढ़ाने के लिए शमशान के अघोरी बतौर गेस्ट लेक्चरर आयेंगे।
जिन कैंडीडेटों की फैमिली हिस्ट्री दिल की बीमारी की रही है, वे कृपया इस कोर्स में एडमीशन न लें।
यह पेपर प्रयोगात्मक रुप से पढ़ाया जायेगा, इसकी क्लास पुराने किलों, हवेलियों, श्मशान, कब्रिस्तान में ही होंगी। पेरेंट्स कृपया ध्यान दें, जो अपने बालक और बालिकाओं को रात के दो बजे शमशान में न भेज पायें, वे कृपया अपने बच्चों को इस कोर्स में न भेजें.
पेपर विवरण
भूतों के प्रकार, भूतों की परिभाषा, नये और पुराने भूतों के बीच अंतर
गांव के भूतों, शहरों और महानगरों के भूतों के टेस्ट में अंतर
कब्रिस्तान और शमशान के भूतों के धार्मिक और सांप्रदायिक अंतरों का विश्लेषण
भारतीय भूत और ग्लोबल भूत
भूतों के अफेयर, चुड़ैलों की स्टाइलें।
पेज थ्री चुड़ैलें
नोट-इस पेपर को पढ़ने वाले हर छात्र को सत्र के अंत मे एक भूत पकड़कर दिखाना होगा, औऱ उस भूत से तरह-तरह के काम कराने की महाऱथ हासिल करनी होगी।
-सजेस्टेड रीडिंग्स-
-भूत स्टाइल्स एंड प्रोफाइल्स-लेखक अघोरी टनटनानंद
-क्यूट चुड़ैलें-लाइव्स एंड हिस्ट्री-लेखक भूताशिकानंद
निम्नलिखित हिट टीवी कार्यक्रमों की विशेष केस स्टडी भी कोर्स का हिस्सा होंगी-
कातिल कब्रिस्तान, चौकन्नी चुड़ैल, मौत का धुआं, मुरदे की वारदात, मुरदा शहर, जिंदा कब्रिस्तान, श्मशान में पेज थ्री पार्टी, एनआरआई भूतों के लव अफेयर, ब्यूटीफुल चुड़ैलों के शातिर खेल।
पेपर नंबर दो-नाग मैनेजमेंट
चैनलों पर भूतों के बाद सबसे ज्यादा टीआरपी अब नागों की आ रही है। इस पेपर के जरिये बच्चों के बताया जायेगा कि इच्छाधारी नाग और गैर-इच्छाधारी नाग क्या होते हैं। इस पेपर को पढ़ने के बाद कैंडीडेट खुद भी इच्छाधारी नाग हो सकता है।
इस पेपर के प्रोफेसर विख्यात सपेरे ही होंगे।
छात्र और छात्राओं को सपेरों की ड्रेस पहनकर गांव-जंगलों में नागों की तलाश में जाना पड़ेगा।
जो पेरेंट्स अपने बालक और बालिकाओं को सपेरों की ड्रेस में नागों की तलाश में असम के जंगलों में भेजने में समर्थ नहीं हैं, वे कृपया अपने बच्चों को इस कोर्स में नहीं भेजे। पत्रकारिता बहुत मुश्किल काम है, यह बात ऐसे ही नहीं कही जाती।
पेपर विवरण-
नाग और नागिनों के प्रकार
अब तक नागिनों पर सारी फिल्में-विशेषत नगीना, नागिन( सारी), मैं तेरी दुश्मन तू दुश्मन तेरा, कोबरा, ब्लैक कोबरा, नागिन का डंक
नागों की टीवी में भूमिका
नागों के रंग-ढंग
नाग और टीआरपी
देशी और विदेशी नागिनें
नागों का मेकअप,
नागों को कैमराफ्रेंडली कैसे बनायें
नागों से इंटरव्यू में सावधानियां
इच्छाधारी नागों की समस्याएं
नागों से बातचीत(अगर आप खुद भी नाग हैं)
नागों से बातचीत(अगर आप नाग नहीं हैं)
सजेस्टेड रीडिंग्स-
नाग हिस्ट्री एंड फ्यूचर-स्वामी नागानंद
टीवी फ्रेंडली नाग-न्यू ट्रेंड्स एंड एनालिसिल-सपेरा नृत्यानंद
सत्र के अंत में हर छात्र और छात्रा को एक धांसू नाग या नागिन पकड़कर दिखाना होगा। उन छात्रों और छात्राओं को विशेष नंबर दिये जायेंगे, खुद ही इच्छाधारी बन पाने में समर्थ होंगे।
पेपर नंबर तीन- लतीफा प्रेजेंटेशन
नाग, भूत के बाद सबसे ज्यादा टीआरपी लतीफों की होती है।
हम कोशिश करेंगे कि प्रोफेसर राजू श्रीवास्तव, प्रोफेसर एहसान कुरैशी खुद इस पेपर को पढ़ाने के लिए हाजिर हों।
इस पेपर को पढ़ने के लिए छात्र-छात्राओं को ऐसी ड्रेस पहनकर आनी पड़ेगी, जिसे देखकर पब्लिक हंसे। जो पेरेंट्स ड्रेस सेंसिटिव हैं, वे अपने बच्चों को इस कोर्स के लिए ना भेजें।
पेपर विवरण
लतीफों का इतिहास,
अश्लील चुटुकलों का टीआरपी में योगदान
घटिया चुटकुलों की वैबसाइट
चुटकुलों को सुनाने की स्टाइलें
चुटकुला चिंतन कैसे करें
एसएमएस चुटकुला लेखन
सजेस्टेड रीडिंग्स-
घटिया चुटकुलों का धांसू प्रजेंटेशन-प्रोफेसर राजू श्रीवास्तव
उलटे-पुलटे चुटकुले-प्रोफेसर जसपाल भट्टी
स्टाइल में हंसाओं-प्रोफेसर राखी सावंत
सत्र के अंत में हर छात्र-छात्रा को पांच नये चुटकुलों को पेश करना होगा। सबसे ज्यादा घटिया चुटकुले बनाने वालों को विशेष अंक दिये जायेंगे।
पेपर नंबर चार-लव-क्राइम-डाका-ठगी स्टडीज
इस पेपर में वो आइटम पढ़ायें जायेंगे, जिनकी विकट डिमांड हैं।
पेपर का उद्देश्य यह है कि इस पेपर को पढ़ने के बाद बच्चे और बच्चियां वैसे हिट टीवी कार्यक्रम बनाने सीख जायें, जैसे अभी टीवी पर आ रहे हैं-यथा रात की वारदात, कोहरे के चेहरे, एक चाकू पांच सौ डाकू, कातिल बाथरुम, सन्नाटे की सनसनी आदि –आदि।
इस पेपर को पढ़ाने के लिए हमने सरकार से अनुरोध किया है कि वह जेल से कुछ ऐसे अपराधियों को रिहा करे, जो लव त्रिकोण, मर्डर, वगैहर के मामले में बंद हैं। प्रेम त्रिकोण की डिमांड सबसे ज्यादा है।
पेपर विवरण
प्रेम त्रिकोण-इतिहास और वर्तमान
ऐतिहासिक प्रेम त्रिकोण के मामले
प्रेम त्रिकोण के सारे कोण
यश चोपड़ा की सारी पुरानी फिल्मों की स्टडी जैसे कभी-कभी, दाग वगैरह
झूठ का प्रेम में योगदान
प्रेम औऱ ठगी का संबंध
ठग बनने की प्रक्रिया में प्रेम संबंधों का योगदान
चार्ल्स शोभराज के जीवन पर विशेष अध्ययन
हर्षद मेहता के जीवन की केस स्टडी
नटवरलाल की केस स्टडी
सजेस्टेज रीडिंग्स-सदी का महानायक चार्ल्स शोभराज-प्रोफेसर प्रेम ठगानंद
प्रेम के गेम्स- प्रोफेसर जोशो
सत्र के अंत में छात्रों और छात्राओं से उम्मीद की जायेगी कि वे कम से कम पांच चक्कर चला चुके होंगे। एक ही प्रेम में यकीन करने वाले परंपरागत संकीर्णमना पेरेंट्स अपने बच्चों को इस कोर्स में न भेजें। पत्रकारिता अत्यंत ही दुष्कर कार्य है, यह बात ऐसे ही नहीं कही जाती है।
पेपर नंबर पांच-सेलिब्रिटी स्टाइल्स
इसमें भी वह सब पढ़ाया जायेगा, जिसकी विकट डिमांड है।
यह पेपर पढ़ाने के लिए सेलिब्रिटीज और सेलिब्रिटाज आयेंगे।
पेपर विवरण-
सेलिब्रिटाज और सेलिब्रिटीज का नाश्ता
सेलिब्रिटाज और सेलब्रिटीज का खाना
सेलिब्रिटाज और सेलिब्रिटीज का डिनर
सेलिब्रिटाज और सेलिब्रिटीज का मुस्कुराना
सेलिब्रिटाज और सेलिब्रिटीज के लव अफेयर
सेलिब्रिटाज और सेलिब्रटीज और क्राइम
नोट-इस कोर्स को करने के लिए छात्र और छात्राओं को सिर्फ और सिर्फ इन विषयों पर फोकस करना चाहिए। जो छात्र या छात्रा राजनीति, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र ऐसी किसी अगड़म-बगड़म चीजों को पढ़ता हुआ पाया जायेगा, उसे कान पकड़कर बाहर निकाल दिया जायेगा।
संपर्क करें-आलोक पुराणिक
स्कूल आफ न्यू मीडिया, ठग गली, चालूपुरम्, दिल्ली -11001420
लेबल: alok puranik, Hindi, satire, व्यंग्य, हिन्दी


6 टिप्पणियाँ:
ओह, अब पता चला कि इंडिया टीवी के लोग कहां से पढ़ कर आए हैं। आपका कोई कोर्पोरेट कोर्स भी है क्या?
पुनीत
यह प्रविष्टि लेखक ने हटा दी है।
बेनाम जी इन्डिया नही एन डी टी वी
और साहब आप भी एक कोर्स और माफ़ी का जोड ले वो भी इश्टाईल वाला स्साले चू... के पट्ठे देता है माफ़ी या दू कान के नीचे
बहुत सही। काश पब्लिक की पसंद दिखाने का दावा करने वाले खबरी चैनल यह पढ़ पाते।
इसी संदर्भ में कृपया यह पढ़ें
http://sanjeettripathi.blogspot.com
हे हे, बहुत ही काम के कोर्स मालूम पड़ते हैं। इन सब कोर्सों की फीस क्या है आलोक जी ?
sahi likha hai. ye tv walo ka maansik diwaliya pan hai. :) :) :)
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