Amitabh Bachchan
यह तब की बात है जब अमिताभ बच्चन अपनी लम्बी बीमारी के बाद फिर से ठीक हो गए .........
एक दिन सुबह बच्चन साहब ने अपने ड्राइवर से कहा, ‘‘अरे भाई, आज गाड़ी हम चलाएंगे। तुम पीछे बैठ जाओ।’’
ड्राइवर: ‘‘पर साब, आपकी तबियत .....’’
अमिताभ: ‘‘अरे मेरी तबियत बिल्कुल ठीक हो गयी है। क्या नाच के दिखाऊँ, डायलॉग बोलूं या फिर मार-धाड़ करके दिखाउं ..... हांइ’’
फिर बच्चन साहब ने कार चलाना शुरू किया .... बहुत तेज़ ...... जूं...जूं...जूं....जूं
पहले एक लाल बत्ती तोड़ी ....
फिर दूसरी लाल बत्ती तोड़ी ....
फिर कई और लाल बत्तियाँ तोड़ीं .....
...
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आख़िरकार एक ट्रेफ़िक हवलदार ने कार को रोक लिया और गाड़ी को सड़क के किनारे लगाने को कहा।
हवलदार: ‘‘चलो लाइसेंस दिखाओ, गाड़ी के काग़ज़ात .....’’
फिर उसने अचानक अमिताभ बच्चन को देखा और बोल पड़ा, ‘‘अरे, अमिताभ बच्चन ...’’ वह बच्चन साहब को देख कर आश्चर्यचकित रह गया।
उसने तुरन्त अपने वरिष्ठ अधिकारी को फ़ोन लगाया।
हवलदार: ‘‘सर, आप यहाँ जल्दी आएँ नाके पर ....’’
सर: ‘‘क्यों, क्या हुआ .....’’
हवलदार: ‘‘सर, एक गाड़ी ने सिग्नल तोड़ा है और मैंने उस गाड़ी को साइड में रखा है।’’
सर: ‘‘तो फिर’’
हवलदार: ‘‘उस गाड़ी का मालिक बहुत बड़ा आदमी है सर .... मैं उसका चालान नहीं काट सकता आप ख़ुद यहाँ आइये ....’’
सर: ‘‘कौन मालिक है उस गाड़ी का’’
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हवलदार: ‘‘वो तो पता नहीं सर... पर उसने ने है न सर.... अमिताभ बच्चन को ड्राइवर रखा है।’’
एक दिन सुबह बच्चन साहब ने अपने ड्राइवर से कहा, ‘‘अरे भाई, आज गाड़ी हम चलाएंगे। तुम पीछे बैठ जाओ।’’
ड्राइवर: ‘‘पर साब, आपकी तबियत .....’’
अमिताभ: ‘‘अरे मेरी तबियत बिल्कुल ठीक हो गयी है। क्या नाच के दिखाऊँ, डायलॉग बोलूं या फिर मार-धाड़ करके दिखाउं ..... हांइ’’
फिर बच्चन साहब ने कार चलाना शुरू किया .... बहुत तेज़ ...... जूं...जूं...जूं....जूं
पहले एक लाल बत्ती तोड़ी ....
फिर दूसरी लाल बत्ती तोड़ी ....
फिर कई और लाल बत्तियाँ तोड़ीं .....
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आख़िरकार एक ट्रेफ़िक हवलदार ने कार को रोक लिया और गाड़ी को सड़क के किनारे लगाने को कहा।
हवलदार: ‘‘चलो लाइसेंस दिखाओ, गाड़ी के काग़ज़ात .....’’
फिर उसने अचानक अमिताभ बच्चन को देखा और बोल पड़ा, ‘‘अरे, अमिताभ बच्चन ...’’ वह बच्चन साहब को देख कर आश्चर्यचकित रह गया।
उसने तुरन्त अपने वरिष्ठ अधिकारी को फ़ोन लगाया।
हवलदार: ‘‘सर, आप यहाँ जल्दी आएँ नाके पर ....’’
सर: ‘‘क्यों, क्या हुआ .....’’
हवलदार: ‘‘सर, एक गाड़ी ने सिग्नल तोड़ा है और मैंने उस गाड़ी को साइड में रखा है।’’
सर: ‘‘तो फिर’’
हवलदार: ‘‘उस गाड़ी का मालिक बहुत बड़ा आदमी है सर .... मैं उसका चालान नहीं काट सकता आप ख़ुद यहाँ आइये ....’’
सर: ‘‘कौन मालिक है उस गाड़ी का’’
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हवलदार: ‘‘वो तो पता नहीं सर... पर उसने ने है न सर.... अमिताभ बच्चन को ड्राइवर रखा है।’’
Labels: amitabh bachchan
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11 Comments:
हा हा हा हा। अच्छा था।
बढ़िया है । लेकिन यह जानकारी भी दे दी जाय कि यह चुटकुला राजू श्रीवास्तव से सुना है।
प्रतीक भाई
राजू श्रीवास्तव ने होली के अवसर पर आजतक पर सुनाया था यार।
मैने अभी पढा, मुझे तो बहुत मज़ा आया :)
अच्छा है !TV पर इसे पर सुना था ।
जरा सोचें उस वक्त डराइवर का क्या हाल होगा ।
पहले कहीं सुना हुआ नही था इस लिए हँसी आ गयी. मजा आया.
कहीं राजू भाई का कापी राईट तो नहीं है, जरा चेक कर लेना भाई..है तो मज़ेदार.
समीर लाल
अती उत्तम!
मान गये गुरू।
बहुत खूब
ek lambar
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