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Thursday, May 04, 2006

भारत का नरक

एक आदमी मर कर नरक पहुँचा और वहाँ जा कर उसने देखा कि हर देश के लिए एक अलग नरक है। सबसे पहले वह जर्मन नरक में गया और पूछा, ‘‘यहाँ क्या होता है?’’ क़तार में खड़े एक इंसान ने जवाब दिया, ‘‘पहले यहाँ एक घण्टे तक इलेक्ट्रिक चेयर पर बिठाया जाता है, फिर अगले एक घण्टे तक कीलों की सेज पर लेटाया जाता है। उसके बाद एक जर्मन शैतान आकर बाक़ी सारा दिन पीटता रहता है।’’

उस आदमी को यह सब सुन कर अच्छा नहीं लगा और वह आगे बढ़ गया। फिर उसने जाकर अमरीकी नरक, रूसी नरक और बहुत-से दूसरे नरक भी देखे। उसने पाया कि ये सभी नरक भी कमोबेश जर्मन नरक की ही तरह हैं।

फिर अन्तत: वह भारतीय नरक में आया और अन्दर जाने का इन्तज़ार कर रहे लोगों की एक लम्बी क़तार देखी। आश्चर्यचकित हो कर उसने पूछा, ‘‘यहाँ पर क्या होता है?’’ वहाँ खड़े एक आदमी ने बताया, ‘‘पहले यहाँ एक घण्टे तक इलेक्ट्रिक चेयर पर बिठाया जाता है, फिर अगले एक घण्टे तक कीलों की सेज पर लेटाया जाता है। उसके बाद एक हिन्दुस्तानी शैतान आकर बाक़ी सारा दिन पीटता रहता है।’’
‘‘लेकिन ये सब तो दूसरे सभी नरकों में भी होता है। फिर इतने सारे लोग इस नरक में क्यों जाना चाहते हैं?’’

‘‘क्योंकि यहाँ देख-रेख की कमी की वजह से सभी चीज़ों की हालत ख़राब है। इलेक्ट्रिक चेयर काम नहीं करती, किसी ने ‘कीलों की सेज’ से सारी कीलें चुरा ली हैं और शैतान एक पूर्व सरकारी अधिकारी है; वह आता है, रजिस्टर में दस्तख़त करता है और कैण्टीन में चला जाता है!!!!!’’

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6 Comments:

Blogger Manish said...

हा हा हा हा! बहुत सही :)
Aise hi update karte ho bhai.

8:20 PM, May 04, 2006  
Anonymous ratna said...

बहुत बढ़िया ।

1:15 PM, May 05, 2006  
Blogger Udan Tashtari said...

इलेक्ट्रिक चेयर काम करने भी लगे बिजली चली जायेगी। ;)
सरकारी दफ्तर का माहोल अच्छा खींचा है।

समीर लाल

8:41 PM, May 05, 2006  
Blogger रजनीश मंगला said...

जार नर्क की जगह उसे भारत के किसी ऐसे कोने में पहुँचा देते जहाँ न बिजली है, न पानी है, न हरियाली है, ख़ूब मिट्टी है, धूंआ है, टूटी सड़कें हैं।

12:41 AM, May 06, 2006  
Blogger lazyamit said...

mast hai yaar. per hindi mein kaise likhte ho.

5:35 PM, May 23, 2006  
Anonymous Anonymous said...

my name vishal verma. ammagine yar kya joke hai yar...........

5:21 PM, September 28, 2006  

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